मानवता #Humanity

आज humanity एक चर्चा का विषय बनता जा रहा, मानवता की रक्षा के लिए विश्व के लोकतान्त्रिक देशों में human right comision कार्यरत है।
इसके गठन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना उन्हें आर्थिक,  धार्मिक,शैक्षणिक तथा सामाजिक न्याय देना तथा उनके साथ भाषा,लिंग, धर्म जाति,रंगरूप नस्लभेद आदि के आधार पर भेदभाव न करना तथा सभी को अवसर की समानता प्रदान करना है।

#मलाला यूसुफजई Malala yousafzai :- आज पूरी दुनिया इस नाम को जानती है बहादुरी की इस मिसाल को nobel prize से सम्मानित किया जा चूका है,मगर जिस देश से Malala सम्बन्ध रखती है, आज वहा की बेटियां अंग व्यापार, धर्मपरिवर्तन कर उनकी मर्जी के बेगैर शादी करा देना, उनका शोषण करना, कई दिनों तक भूखा रखना, मारना पीटना, कई लोगों द्वारा उनके साथ बलात्कार करना, आखिर international comunity इन सब चीजों को लेकर चुप क्यों रहती है,ये देश कब तक अपने नागरिकों के अधिकारों का हनन करेंगे,अब वक्त दुनिया को एक साथ आवाज़ उठाने का है, ताकि दुनिया का कोई भी देश अपने नागरिकों के अधिकारों का अतिक्रमण न कर सके।

#save humanity :- आज पूरी दुनिया में मानवता ख़तरे में है।

#public issue “hello life” 2020

100 followers

#public issue “hello life” 2020 आज अपने 100 followers का सफर तय कर चुका है, और जो प्यार अपने दिया है उसका मैं सदैव ऋणी रहूँगा।

मैं तो बनारस की गलियों,घाटों पर घूमने वाला उम्मीद ही न था, यहाँ मुझे इतना प्यार मिलेगा। मैंने अपने blog का नाम public issue “hello life” दिया क्योकि यहाँ के लोगों की समस्या कितनी भी क्यों न हो ये अपने life को हमेशा hello बोलकर आगे बढ़ते ही रहते है, यहाँ हर हर महादेव बोलकर आने वाले पलों का स्वागत किया जाता है।

आशा करता हूँ, आप के जीवन में कितने ही problem क्यों न आये आप hello life बोलों और साथ ही साथ har har mahadev फिर देखों सारी problem कैसे दूर भाग जायेगी।

#public issue “hello life” 2020 आप सभी को har har mahadev

विश्व पर्यावरण दिवस World Environment Day 2020

#public issue “hello life” 2020

आप सभी पर्यावरण प्रेमियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं।

click by me

ये पीपल वृक्ष हमारे घर में हमारे परदादा जी ने लगाया था, इसकी आयु 100 से भी ज्यादा वर्षो की है। आज उनके द्वारा लगाया गया एक पेड़ न जाने कितने जिंदगियों को सुकून की छाया, पक्षियों को घर और हम मनुष्यों को ऑक्सीज़न दे रहा। मुझे आज भी याद है जब इस पेड़ पर सुबह कोयल कु कु बोलती थी तो मेरे चहरे पर एक हँसी आ ही जाती थी और उसके साथ मैं भी कु कु बोलने लगता था। मैं बनारस से हु, मुझे प्राकृतिक के साथ बचपन से ही बोहोत लगाव रहा है,मैं जब भी खुद को थका हुआ महसूस करता हु गंगा माँ के तट के किनारे जरूर जाता हु और खुद को ऊर्जावान महसूस करता हु।

click by akash singh
Click by me(प्राकृतिक पहरुआ)

Click by me
click by me(saranath)

मैं चाहूंगा आप भी बनारस के घाटों पर आये और यहाँ के प्राकृतिक के मनोरम रूप का आनंद उठाये।

#public issue “hello life” 2020 आप से अपील करता है हमारे पर्यावरण को प्रदूषण से बचाये।

George floyd death

#public issue “hello life”2020 मानवहित के लिए हमेशा से प्रतिबध्य है हमारा उद्देश्य समाज में एक सभ्य संवाद स्थापित करना है। हम अमेरिका में हो रहे नस्ल भेद का समर्थन नही कर सकते, हम हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए ईश्वर से प्राथना करते है।
RIP🙏

आज क्रांतिकारी युग में जिस तेज़ी से हम विकाश पथ पर आगे बढ़ रहे,वहा हिंसा का कोई स्थान नही, “महात्मा गांधी” ने दुनिया को संदेश दिया “अहिंसा परमो धर्मा” आज #public issue “hello life” भारत भूमि से दुनिया को यही संदेश देना चाहेगा, हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, और एक मनुष्य होने के नाते हम रंग,रूप,जाति, धर्म के नाम पर एक दूसरे के प्रति नफरत न फैलाये।
मैं मेरी लिखी कविता ” इंसानियत” के माध्यम से अपने दिल की बातों को कहना चाहूंगा।
इंसानियत”

क्यों मनुष्य अपना ही दुश्मन
क्या तुमने सोचा हैं कभी
चन्द स्वार्थो के वास्ते
बहा देता अपनो का खून
कहा गयी इसकी करुणा
खो गई क्या संसार में
क्यों ये एक दूसरे के शत्रु
तुमने सोचा क्या कभी
चन्द पैसों के वास्ते
झूठी शान शौकत के लिये
बहा देते लहू ये
अपने स्वार्थो के लिए
रक्त की नदियाँ बही
कितने बच्चे अनाथ हुये
कितनी महिलाये विधवा हुयी
इस पर विचार किया कभी
अब बस बन्द करो ये
एक दूसरे के प्रति शत्रुता
प्रेम करो सभी प्राणी से
दूर करो सभी शत्रुता
रक्त रक्त बिखरी धरा पर
बिखरे पड़े है लाश कितने
चीख़ चीख़ कर पूछती है
क्या यही इंसानियत है
पग पग पर इतने लाश फैले
भयंकर नरसंहार हुआ
देखते ही रह गये
आज हमको क्या हुआ
सोचते ही कांप उठते
अंग अंग मेरे सभी
उजड़ गया वो आशियाना
जिसमें कभी मैं था खेला
चीख़ चीख़ कर कह रही है
क्या कसुर था आखिर हमारा
बता दे औ मेरे ख़ुदा
बता दे औ मेरे ख़ुदा
सब स्वार्थ में लगे हुए हैं
देखकर ये हँस रहे
समझ नहीं हैं इनकों भला
इंसानियत का क़त्ल हुआ
कैसे समझाऊ इनको भला मैं
के क्या हमारा नष्ट हुआ
रोक सकते हो तो रोको
हैवानियत का हैं बोल बाला
✍️Akash
http://akash04vns.blogspot.com

#public issue “hello life” 2020

Public issue हर एक विषय पर अपने विचारों से समाज को जागरूक करने के प्रति हमेशा से बाध्य रहेगा।

Unlock 1.0

#public issue “hello life” 2020

साथियों दुनिया वैश्विक महामारी से जूझ रही, भारत में स्थितियां अब सामान्य हो रही, covid-19 से जूझ रहे मरीजों का रिकवरी परसेंट 50 से ऊपर चला गया है। मरीज तेज़ी से रिकवर हो रहे, प्रवासी मजदुर भी अपने घरों को जा चुके है।
मैंने अपने graduation 1st year में अपनी पहली कविता “नई सुबह” लिखी जिसे मैं आज आपसे शेयर करना पसंद करूँगा।

Varanasi ghat,click by me
मेरे जीवन की वो रात
वो आंधी घँधोर घटा
वो बादलों का गर्जन
मेरी सहमी सहमी साँस
मैं सहमा सहमा डरा
क्या हुआ उस क्षण
मैं अबोध ना जान सका
उस क्षण क्या खोया मैंने
जब घटा पर सूर्य आया
मेरे जीवन में प्रकाश लेकर
एक नई सुबह का स्वागत
मैं लक्ष्य की और अग्रसर
कहते हैं जीवन संघर्ष हैं
रास्ता मुश्किल डगमग डगर हैं
डटकर हैं रहना चलते ही
रहना लक्ष्य की ओर
पथ पथ पे कांटे हैं
मगर डटकर हैं रहना
रास्ते पे फूल भी होंगे
धैर्य रखना चलते ही रहना
जीवन क्षण क्षण लेती परीक्षा
बुद्धि विवेक धैर्य से देना
जय हो याकि पराजय
कर्म करना चलते ही रहना
✍️akash
http://akash04vns.blogspot.com पर मेरी लिखी कविताएं आप पढ़ सकते है।

आज जिस तरह की स्थिति हमारे सामने है unlock 1.0 में कुछ आर्थिक गतिविधियों को छूट दी गयी है,परन्तु मित्रों हमें इस वैश्विक महामारी से सतर्क रहना है,अपने हाथों को साबुन या hand senetizer से अच्छी तरह से साफ़ करते रहना है। हमें physical distancing के साथ साथ अपने चहरे को फेसमास्क से cover करे रहना है।
#public issue “hello life” 2020
हम समाज के हर तबके को जागरूक करने के लिये प्रतिबध्य है।
Stay home, stay save

The future of online education in India

#public issue “Hello life” 2020

हम सभी जानते है ऑनलाइन एजुकेशन के माध्यम से आज हमारे देश में बोहोत सी प्रतिभा जन्म ले रही है तो सोचा मैने आज इस टॉपिक पर क्यों न बात की जाये।

मित्रों प्रतिभाएं किसी की मोहताज़ नही होती, अगर ऐसा होता तो स्कूल से निकाला गया बच्चा आज थॉमस अल्वा एडिशन न होता।

ऑनलाइन एजुकेशन की जो आलोचना करते नहि थकते थे वही संस्थाएं आज ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बच्चों को मोबाइल, लैपटॉप के माध्यम से शिक्षा प्रदान कर रहे, भारत की कुछ संस्थानों ने तो इस तरह की चीजों को स्कूल, कॉलेज में इस्तेमाल करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था, परन्तु आज समय की मांग के अनुसार ये संस्थाएं भी मौन धारण किये हुए है।

दोस्तों आज जैसी स्तिथि बन रही हमे भविष्य के लिए भी तैयार रहना होगा आज के क्रन्तिकारी युग में हमें परिवर्तन का समर्थन हर हाल में करना होगा जरूरी नहि जो कल तक सही था आज भी वो सही ही हो।

“परिवर्तन समय की मांग है ये बात भी हमें याद रखना होगा“।

21वी शताब्दी क्रांतिकारी होने वाली है दोस्तों जरूरी नही की हर तरह की शिक्षा हमे स्कूल या कॉलेज से ही मिले,हम घर बैठे भी अपने ज्ञान के सागर को बढ़ा सकते है, और अपने सपनों अपने मंझिल को प्राप्त कर सकते है। “ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से”

ऑनलाइन एजुकेशन का फ्यूचर इंडिया में बोहोत ब्राइट होने वाले है, और इस क्रांतिकारी परिवर्तन का समर्थन हम सभी को करना चाहिए, संसाधनों की कमियां चुनोती बन सकती है, मगर हमें विपरित परिस्थिति में खुद को साबित करना है।

#public issue “Hello life” 2020 आप सभी से public issue से related topic पर अपनी बात जारी रखेगा।

Impact of corona virus

मित्रों आज तेज़ी से मानव सभ्यता के बढते कदम को एक virus ne break लगा दिया जिसका असर पूरी दुनिया में देखा जा सकता है,इस virus ने हमारे देश की अर्थव्यवस्था,कृषि, स्वस्थ्य, चिकित्सा, प्रवासी मजदूरों से लेकर शिक्षा व्यवस्था, आदि सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है।

Migrant labor हमनें कभी ऐसा सुना था,“हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज से सफर करेगा” परंतु आज वो ख़ाली सड़कों पर कई किलोमीटर का सफर पैदल या अन्य साधनों से कर रहा, सायद ये घाव भरने में उसे सालों लग जाये। इन मजदूरों के आर्थिक, स्वस्थ्य, सुरक्षा से सम्बंधित अधिनियम और कानून बनाये गए,उनमे से एक “अंतर-राज्य प्रवासी कर्मकार कानून 1979″ अतित्व में है परंतु ये अपने वास्तविक रूप में क्यों नहि कार्य कर पाया, ये एक बड़ा प्रश्न है अगर ये कानून ठीक से अपना कार्य करता तो सायद ये मजदूर आज सड़कों पर यु पैदल न चलते।

Farmer हम सभी जानते है हमारा देश कृषि प्रधान है,इस वायरस ने हमारे किसानों को बोहोत गम्भीर समस्या में डाल दिया है वैसे सरकार ने अनेक घोषणाएं किये है प्रश्न ये है क्या ये क्रियाशील होते भी है या सिर्फ घोषणा ही रह जाये?

Bussiness covid-19 ने देश के उघोग जगत को पूरी तरह से बाधित कर दिया हैं जिसका असर साफ तौर पर ठेला पटरी लगाने वाले व्यवसायियों में दिखने लगा है।

Education आज हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आने की कगार पर है, समय से स्कूल और कॉलेजो की परीक्षाएं नही हो पा रही,यही हाल जो छात्र कॉम्पटीशन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उनका भी है,covid-19 के वजह से देश में सभी तरह के एग्जाम का डेट पोस्टपेड कर दिया गया है।

Covid-19 ने हमारे जीवन से जुड़े हर पहलू को प्रत्यक्षय या अप्रत्यक्षय रूप से कही न कही प्रभावित किया है, फ़िलहाल इस समस्या का हल, हम अपने हाथों को साबुन या हैण्ड सेनेटाइजर से साफ करते रहे, फेसमास्क का उपयोग करे, फिजिकल डिस्टसिंग बनाये रखे।

#public issue “hello life 2020” आप से public issue से related बातें करता रहूंगा।stay home stay save”

हा मैं मजदूर हूँ,आज़ाद भारत में, राजनीति का गुलाम हूँ, हा मैं मजदूर हूँ।

आज जिस तरह की परिस्थितियां हमारे देश में उभर कर आयी, देश का निमार्ण कर्ता, इस देश की रीढ़ आज भी स्वाभिमान के साथ किसी भी तरह की कोई मांग नही कर रहा न सरकार से न ही किसी राजनीतिक पार्टी से, वो तो अपने धुन में मस्त मगन,कंधो पर कुछ भार उसमें खाने को कुछ रोटियां अपनों का साथ बस चल पड़ा महादेव का नाम लिये, के अब जो होगा महादेव देख लेंगे।

सायद जैसी स्थिति हमारे देश में बनी वैसी किसी भी देश में न बनी हो,आज जिस तरह की राजनीति हमारे देश में हो रही उसे देख ऐसा कहना उचित ही होगा,इस देश में न्याय ग़रीबो के साथ नही हो सकता, ये बस राजनैतिक पार्टियों के वोट बैंक बनकर रह गए है, जिसे जब चाहे ये पार्टियां सिर्फ इस्तेमाल करती है, कभी उनके साथ काम करके, सफाई करके, पाँव धोकर, या फिर भोजन कर, बस सिर्फ और सिर्फ राजनातिक लाभ।

ये कुछ फ़ोटो आप को विचलित कर सकती है, आप को लग सकता है जिस देश का प्रधानमंत्री,और प्रमुख विपक्षी नेता इन मुजदूरों किसानों के साथ खुद मोर्चा संभाल रहे। तो यहाँ के मजदूरों किसानों को कोई समस्या नहीँ हो सकती ।

मग़र वो कहते हैं न विपरीत परिस्थितियों में कोई साथ नहीं आता, वर्तमान स्थिति सायद यही कहना चाह रही।

#public issue “hello life” 2020

Lockdown के बाद:-

प्रश्न यह उठता है कि

Lockdown से निकलने का मार्ग क्या हो सकता है?

हमें महामारी के साथ कैसे जीना होगा ?

हम पहले भी चर्चा कर चुके है कि lockdown देश में अपने तीन चरण पूरा कर चुका है, और 4.0 चरण में प्रवेश भी कर चुका है lockdown करने का उद्देश्य corona chain को break करना था, और लोगों को corona virus के प्रति जागरूक करना था जो की हमने कर दिया ।

अब प्रश्न यह है इससे बाहर कैसे निकाला जाए, तो lockdown से बाहर आने का मार्ग सिर्फ चरण बाध्य तरीका ही हो सकता है और कुशल नेतृत्व, सरकार, प्रशासन का ही नही हम सबका, अगर हम अचानक से lockdown से बाहर आते है तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

प्रश्न यह भी है कि हमे महामारी के साथ जीना भी है।

यह सत्य है कि हम खुद को बोहोत दिनों तक बन्द नही कर सकते लेकिन कुछ बातों को अपना कर हम corona virus से जंग जीत सकते है।

जैसा कि हम जान चुके है ये वायरस man to man फ़ैल रहा, इस बात का हमें हमेशा ख्याल रखना जब भी हम लोगों के बीच जाये हमे physical distancing हमेशा बनाये रखे है, और अपने हाथों को साबुन या hand sentizer से साफ करते रहना है और हमेशा अपने चहरे पर मास्क लगाये रखे, इस तरह हम इस महामारी के साथ अपने जीवन की शुरुआत कर सकते है।

#public issue “hello life” 2020

Public issue se related बातें आगे भी जारी रहेगी।

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