Lockdown ‘life crisis’:-

मित्रों देश में कोरोना महामारी ने अपने पाव तेज़ी से पसार लिए, इस दौर में हमें इस महामारी के साथ ही जीने पर मजबूर होना पड़ेगा, देश में लोकडौन अलग अलग चरणों में लागू किया गया, प्रथम चरण 25 मार्च से 13 अप्रैल, द्वितीय चरण 14 अप्रैल से 3 मई, तृतीय चरण 4 मई से 17 मई, और अब लोकडौन 4.0, 18 मई से 31 मई निर्धारित किया गया है।

आप महामारी के प्रकोप को देखते हुए यह अनुमान लगा सकते है ,भविष्य में लोकडौन 5.0 भी लाया जा सकता है।

इस महामारी ने आमतौर पर हमारे देश के मजदुर, किसानों, व्यवसायों, शिक्षातंत्र इत्यादि को बोहोत हद तक प्रभावित किया है, जिससे संकट गहराता जा रहा।

1-लोकडौन से निकलने का मार्ग क्या हो सकता है ?

2- हमें महामारी के साथ कैसे जीना होगा ?

हमारा उद्देश्य #public issue के माध्यम से आप मित्रों के साथ एक स्वस्थ्य संवाद स्थापित करना, ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सके।

#public issue “hello life” 2020 हमें आपके सुझाव का इंतजार रहेगा।

प्रवासी मजदूर(migrant labor) part-2

महानगरों से पलायन(getaway)करते मजदूर क्यों हादसों के शिकार हो रहे ?

#public issue 2020 पर आप मित्रों ने अपनी राय बेबाक तरीके से रखा। आप सबका #धन्यवाद

भारत में वर्तमान में 128 श्रम तथा औघोगिक विधान लागू है।

*उघोग एवं श्रम सम्बंधित विधान(legislation pertaining to social security):- कारखाना अधिनियम1948,औघोगिक संघर्ष अघिनियम1947, भारतीय श्रम संघ अघिनियम1926,,भृत-भुगतान अघिनियम1936,श्रमजीवी क्षतिपूर्ति अघिनियम 1923 इत्यादि।

*सामाजिक सुरक्षा सम्बन्धी विधान(legislation pertaining to social security):- कर्मचारी राज्य बिमा अघिनियम 1948,कर्मचारी प्रविडेंट फण्ड अघिनियम 1948, न्यूनतम भृत्ती अघिनियम 1948,कोयला,खान श्रमिक कल्याण कोष अघिनियम1947, भारतीय गोदी श्रमिक अघिनियम 1934,खदान अघिनियम 1952 इत्यादि से सम्बंधित और प्रभावी रूप से कार्यरत है।

अपितु प्रश्न यह भी उठता है कि इतने वर्षों से प्रभावी होने के बावजूद ये मूर्त रूप में क्यों नही आ सके?

अंतर्राष्टीय मजदूर दिवस 1 मई हम सिर्फ संकल्प न ले, सरकार, प्रशासन उनसे बढ़कर देश के नागरिक अपनी ज़िमेदारी समझे।

हमारा उद्देश्य #public issue के माध्यम से दबी आवाज़ को बुलंद करना है।

#public issue 2020 पर अपनी राय देते रहे। मैं आकाश कुमार आगे भी ऐसे टॉपिक पर बात करता रहूँगा,और आपके सुझाव का आभारी रहूँगा।

हमारा मनोबल बढ़ाने के लिये like,share and comment अवश्य करे।

प्रवासी मजदूर(Migrant labor):-

वर्तमान में जब पूरी दुनिया 4G,5G के स्पीड से चल रही, वही हम मजदूरों की समस्याओं को 2G स्पीड में solve नहीँ कर पा रहे।

महानगरों से पलायन(getaway) करते मजदुर क्यों हादसों के शिकार हो रहे ?

#public issue 2020 इस संकट पर अपनी राय अवश्य दे।

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